तुम फूल नहीं हो
जो मुरझा झायेगी छूने पर
तुम उपहार नहीं हो
जिसे सम्भाल के रखा जाये
तुम ट्रॉफी नहीं हो ताक पे रखी
किसी का वर्चस्व दिखाने को
तुम बस गरिमा नहीं हो
किसी के नाक की
तुम Muse नहीं हो
कवियों लेखकों चित्रकारों कि
तुम्हे सिर्फ अलंकारो में
उतारा नहीं जा सकता
यार
तुम हाड़-माँस प्यार रोष से
बनी एक इंसान हो
तुम निडर हो, तुम कठोर हो
तुम गलत हो, तुम सही हो
तुम बहुत कुछ हो
तुम कुछ नहीं हो
बाकि सब इंसानों कि तरह
विधाता हो अपने भाग्य की
तुम्हारी पहचान है अपनी
जो मुरझा झायेगी छूने पर
तुम उपहार नहीं हो
जिसे सम्भाल के रखा जाये
तुम ट्रॉफी नहीं हो ताक पे रखी
किसी का वर्चस्व दिखाने को
तुम बस गरिमा नहीं हो
किसी के नाक की
तुम Muse नहीं हो
कवियों लेखकों चित्रकारों कि
तुम्हे सिर्फ अलंकारो में
उतारा नहीं जा सकता
यार
तुम हाड़-माँस प्यार रोष से
बनी एक इंसान हो
तुम निडर हो, तुम कठोर हो
तुम गलत हो, तुम सही हो
तुम बहुत कुछ हो
तुम कुछ नहीं हो
बाकि सब इंसानों कि तरह
विधाता हो अपने भाग्य की
तुम्हारी पहचान है अपनी