कोरी दया जब तक भीख में दी जाएगी
इंसानियत अपाहिज ही नजर आएगी
यहाँ सभी कहते हैं दिल साफ़ है मेरा
पर नियत किसी से दिखाई नहीं जाएगी
गलियाँ तो सभी साफ़ देखना चाहते हैं
पर झाड़ू किसी से नहीं उठाई जाएगी
सिनेमा में खूब सीटियाँ तालियाँ बजेगी
ऐसे कभी हीरो के लिए आवाज नहीं आएगी
जब तलक हलक से स्वर क्रांति फूटता नहीं
हुक्मरानों को जम्हूरियत बेगम ही नजर आएगी
Title nai diye iska??
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