Monday, 13 May 2013

तस्वीरे

तस्वीरे क्या हैं?
कहने को एक प्रति
कैमरे से खिंची हुई
पर गर सोचें तो 
तस्वीरे हैं

जिंदगी के रंग-बिरंगी
यादों की
जीवंत परछाईयाँ

जितनी पुरानी
गढ़ती उतनी कहानी
दिन ब दिन इसे चढ़ती जवानी
जैसे पुरानी शराब

कुछ खट्ठी कुछ मीठी
माँ के हाथों की
गुड्म्मा सरीखी
चटपटी यादों की गुल्लक

जब कभी नीरस लगे
तो गुदगुदाती है
समय-असमय तस्वीरे
भी हमें जीना सीखा जाती हैं। 

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