तस्वीरे क्या हैं?
कहने को एक प्रति
कैमरे से खिंची हुई
पर गर सोचें तो
तस्वीरे हैं
जिंदगी के रंग-बिरंगी
यादों की
जीवंत परछाईयाँ
जितनी पुरानी
गढ़ती उतनी कहानी
दिन ब दिन इसे चढ़ती जवानी
जैसे पुरानी शराब
कुछ खट्ठी कुछ मीठी
माँ के हाथों की
गुड्म्मा सरीखी
चटपटी यादों की गुल्लक
जब कभी नीरस लगे
तो गुदगुदाती है
समय-असमय तस्वीरे
भी हमें जीना सीखा जाती हैं।
कहने को एक प्रति
कैमरे से खिंची हुई
पर गर सोचें तो
तस्वीरे हैं
जिंदगी के रंग-बिरंगी
यादों की
जीवंत परछाईयाँ
जितनी पुरानी
गढ़ती उतनी कहानी
दिन ब दिन इसे चढ़ती जवानी
जैसे पुरानी शराब
कुछ खट्ठी कुछ मीठी
माँ के हाथों की
गुड्म्मा सरीखी
चटपटी यादों की गुल्लक
जब कभी नीरस लगे
तो गुदगुदाती है
समय-असमय तस्वीरे
भी हमें जीना सीखा जाती हैं।
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