चंद्रशेखर आजाद
हम चाहे उन्हें भूल भी जाये
पर नेता उन्हें जरूर याद करते हैं
उनके मूल्यों को संजोये रखने
की फरियाद करते हैं
उन्होंने न पकड़े जाने की कसम खाई थी
इन्होने न पकडे जाने की रस्म बनाई है
बस फर्क इतना है की
एक में थी आजादी की धुन
दुसरे है बर्बादी के घुन
हम चाहे उन्हें भूल भी जाये
पर नेता उन्हें जरूर याद करते हैं
उनके मूल्यों को संजोये रखने
की फरियाद करते हैं
उन्होंने न पकड़े जाने की कसम खाई थी
इन्होने न पकडे जाने की रस्म बनाई है
बस फर्क इतना है की
एक में थी आजादी की धुन
दुसरे है बर्बादी के घुन