Thursday, 28 March 2013

द्वंद


तू रुक
इन्तजार कर
पहले ये तो कर
फिर वो कर
और उसका भी वक़्त आएगा

अभी क्या है तेरे पास
बस दो चार चवन्नी
तू बस अभी दुनिया के पीछे चलता चल
तुझे सपने देखने की इजाजत नहीं

तुझे दौड़ने की जरूरत नहीं
तू अभी पैर पे खड़ा होना तो सीख
तूझे न्याय-अन्याय की बात करने की इजाजत नहीं
सो तू मत बोल की ये  नहीं ठीक
तो वो  नहीं ठीक

तू बस अभी खुद को देख
कुछ पैसे बना
नाम कमा
अपनी आवाज बुलंद कर
तू भूल दुनिया को, हालातो पे तेरा वश नहीं
तू बस अपनी गाड़ी में
पेट्रोल भरा
पहिये दौड़ा
अपनी जिंदगी बसर कर

कोई जरूरत नहीं है
बड़ा सोचने की
बड़ा बोलने की
तू कोई विधाता नहीं जो दुनिया बदलेगा
तू स्वार्थी बन
तू लालची बन
तू बस वो बन जो
तू अभी बन सकता है
खुद को दुसरो से अलग मत समझ
मत सोच की
तू कुछ भी बदल सकता है

तू बस अभी खुद में रीन जा
खुद की सोच खुद को बना

तू रुक
इंतजार कर
पहले ये तो कर
फिर वो कर
और उसका भी वक़्त आएगा।।





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